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लोजपा में टूट के बाद भी चिराग की नहीं बुझेगी लौ। Now Chirag's Agnipariksha starts

 पटना। न्यूज़। ( विद्रोही)। बिहार में लोजपा की बड़ी टूट के साथ ही यहां खेला शुरू हो गया है। चिराग पासवान के अपने सगों ने पार्टी के पांच सांसदों के साथ चिराग को अलग थलग कर दिया। इस परिस्थिति के लिए खुद चिराग पासवान,  उनके खास चाचा पशुपति कुमार पारस और नीतीश कुमार सूत्रधार हैं। जब तक  किसी नेता की छवि जनता के दरवाजे पर खाक छानने की नहीं होगी वह अपनी जाति की राजनीति नहीं कर सकता है। रामविलास पासवान ने जमीन तैयार की थी। उसकी कमाई उनके दोनों भाई पशुपति कुमार पारस व रामचन्द्र पासवान खा रहे थे। रामविलास के निधन के बाद इन्हें ढोने वाला कोई नहीं है। जो संकेत मिल रहे हैं उसे देखते हुए बिहार की राजनीति में अभी रामविलास पासवान का ही नाम बिकेगा। पासवान वोट रामविलास के कारण चिराग के साथ ही हैं। ये बात अलग है कि पारस केंद्र में मंत्री बन जाएंगे। किन्तु किसी भी चुनाव में  चिराग जहां रंहेंगे पासवान का वोट उन्ही की तरफ जाएगा। यही कारण है कि कांग्रेस ,वामदल  व राजद के नेताओं ने चिराग को अपने साथ आने का निमंत्रण दिया है।  वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के समय से ही लोजपा में टूट की नींव पड़ गयी थी। चुनाव

छपरा वासी संतोष वॉशर मैन से आर्मी में ऑफिसर बना। Santosh of Chhapra becomes Army officer from Housekeeper, safai wallah.

 पटना। न्यूज़। ( विद्रोही)। यदि दिल में जज्बा हो तो मुकाम हासिल होकर रहता है, बशर्ते कोई सही मार्गदर्शक मिल जाये। ऐसी ही एक प्रेरक सच्ची कहानी है संतोष कुमार राय की। संतोष बिहार के छपरा ( सारण) के रहनेवाले हैं। जैसा कि हर बिहारी में नौकरी पाने की ललक होती है। इन्होंने आर्मी में वाशरमैन ( धोबी)  लिए आवेदन दे दिया। वर्ष 2014 में आर्मी में इनकी नियुक्ति वॉशर मैन के पद पर हो गई। संतोष की पहली पोस्टिंग कश्मीर में हुई। संतोष को आर्टिलरी यूनिट मिला। सूत्रों के मुताबिक उनदिनों इस यूनिट के कमान ऑफिसर  प्रवीण कुमार हुआ थे। इसी बीच संतोष कमांडिंग ऑफिसर प्रवीण कुमार की नजर में आये। कर्नल प्रवीण ने संतोष का साक्षात्कार भी लिया। इसी दौरान कर्नल प्रवीण को पता चला कि संतोष वाणिज्य विषय में ग्रेजुएट है। साथ ही संतोष की एकेडमिक रिकॉर्ड भी अच्छा है। इसके बाद प्रवीण संतोष को गाइड करने लगे। हाल ही में संतोष आर्मी में लेफ्टिनेंट ऑफिसर बन गए हैं। फिलहाल उनकी पोस्टिंग राजस्थान में हुई है। ये गया ओटीए से पास आउट हैं। इनके माता पिता प्रयाग राज में रहते हैं। आर्मी के बड़े अफसर प्रवीण कुमार की सराहना चारों ओर हो रह

तो यूपी में चुनाव के पहले योगी छोड़ेंगे कुर्सी। जाएंगे केंद्र में! BJP will change the guard of UP before election

 पटना/ नई दिल्ली। द न्यूज़ ( विद्रोही)। पश्चिम बंगाल से जनता का लठ देखते हुए भाजपा आने वाले समय मे बड़ी उलटफेर करने जा रही है। उत्तरप्रदेश से इसकी शुरुआत होने जा रही है। भाजपा सियासत के ताजा अंदाज को देखते हुए यह अनुमान लगाया जाता है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विदाई तय है। चूंकि योगी के हटने के साथ उनका वोटबैंक भी जुड़ा रहे इसलिए उन्हें केंद्र में बड़ी जिम्मेवारी दी जा सकती है। यूपी के हालिया पंचायत चुनाव में भाजपा की करारी हार हुई थी। यह भी तर्क दिया जा रहा कि यूपी का पूर्वी व पश्चमी दो हिस्सों में विभाजन होने से सामाजिक समीकरण बदल जायेगा। ऐसे में भाजपा को फायदा हो सकता है। इसके लिए भी योगी से केंद्र विचार विमर्श कर रहा है। सूत्रों के अनुसार उत्तरप्रदेश में भाजपा ने सर्वे कराया था। सर्वे में पता चला कि चुनाव में योगी के रहते भाजपा की नैया डूबना तय है। प्रदेश में हर तबका योगी से नाराज है। गोरखपुर के राजपूत को छोड़कर पूरे प्रदेश के ब्राह्मण, भूमिहार, कायस्त, यादव, लोध, कुर्मी, कुशवाहा, निषाद, दलित समेत अनेक उपजातियां योगी के शासन से नाराज हैं। सर्वे में कहा गया कि पश्चि

बिहार में एक दिन में बदल गए कोरोना से मौत के आंकड़े। कोरोना से 9375 लोग बिहार में मरे।9375 died of covid-19 in Bihar

 पटना। न्यूज़ ( विद्रोही)। बिहार में 7 जून तक कोरोना से मौत के आंकड़े 5424 था, किन्तु 24 घंटे बाद यानी 8 जून 2021  को यह आंकड़ा 9375 हो गया। राज्य सरकार की तरफ से स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने आज आधिकारिक तौर पर बताया कि बिहार में कोरोना से अब तक 9375 लोगों की मौत हुई है। यह आंकड़ा प्रथम फेज और द्वितीय फेज मिलाकर है। हालांकि राज्य के हित में एक बड़ी खबर यह है कि कोरोना से पॉजिटिव होने के बाद जो लोग निगेटिव हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गयी तो ऐसे लोगों को भी सरकार 4 लाख का  मुआवजा देगी। ऐसे मृतक लोगों की काफी संख्या है जो निगेटिव होकर घर या अस्पताल में मर गए। उनके मृत्यु प्रमाण पत्र पर कोविड से निधन दर्ज नहीं रहता है। लेकिन बिहार सरकार ने मृतक के परिजनों को बड़ी राहत देते हुए एलान किया कि वैसे लोग जो कोरोना पॉजिटिव होने केबाद निगेटिव हो गए और उनकी मृत्यु किसी वजह से हो गयी तो उनके परिजनों को चार लाख का मुआवजा मिलेगा। मौत के आंकड़े में अचानक बढ़ोतरी का एक कारण यह भी है। निगेटिव वाले मृतकों को शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने जिलावार कोविड से मृतकों की सूची दी है। बिहार मे

तो मांझी डगमगाएँगे एनडीए की नाव! Manjhi cautions NDA boat

 पटना। न्यूज़। राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की जबसे जेल से रिहाई हुई है बिहार में राजनीति के सुर भी बदलने लगे हैं। मांझी ने एक अलग राग छेड़ दिया है। जहां भाजपा के सभी नेता नमो नमो कर रहे हैं वहीं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व एनडीए के पार्टनर जीतन राम मांझी ने एक तरफ से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ नई हवा दे दी है। ट्वीट तो ट्रेलर है। इसके पीछे बड़ी राजनीति है। मांझी ने ट्वीट कर कहा कि वैक्सीन के प्रमाणपत्र में पीएम के स्थान पर राष्ट्रपति का फोटो होना चाहिए। मांझी के इस बयान के काफी गुढ़ मायने हैं। हो सकता है मांझी के अंदर की चाहत पूरी नहीं हो रही हो। लेकिन सीधे नमो पर अटैक एक बड़ी राजनीति का संकेत दे रहा है। बिहार में 10 विधायकों के हेरफेर से बड़ा खेला हो सकता है।

मुर्दों की बस्ती में अस्पतालों का अट्हास। पारस की पीड़ित महिला मरी। state of dead!

 पटना। न्यूज़। ( विद्रोही)। आखिर वही हुआ जो होना था। पारस अस्पताल में पीड़ित महिला ने दम तोड़ दिया। उसके साथ बलात्कार हुआ या नहीं, छेड़ छाड़ हुई या नहीं सारे तथ्यों को जनता उसकी जुबानी नहीं सुन सकी। पीड़ित महिला की बेटी को उम्मीद थी कि उसकी माँ ठीक होकर आपबीती सुनाएगी। तो क्या खेल खत्म। या नए अंदाज में शुरू होगा। क्या जान गवां चुकी महिला की बेटी अस्पताल के खिलाफ एफआईआर कराएगी। क्या नीतीश सरकार को यह सब नहीं दिख रहा है, जबकि मृत महिला कल्याण बिगहा की रहनेवाली थी। यह नीतीश कुमार का पैतृक गांव है। आखिर जब तक एफआईआर या शिकायत दर्ज नहीं होगी तो अस्पताल के खिलाफ कारवाई कैसे होगी। क्या लड़की के साथ कोई डीलिंग हुई है।  फिलहाल लड़की अकेले है। पटना के बांस घाट पर पर मृत माता के साथ विलाप कर रही है। बिहार में कई तरह की राजनीति चल रही है। जायज नाजायज पर ध्यान न देकर यह देखा जा रहा है कि कहीं उसे फायदा न हो जाये। अपने हित लाभ को देखकर तेजस्वी ने पप्पू यादव से दूरियां बढ़ा  ली। राजद को भय हो गया कि उसके वोट बैंक में सेंध लग जायेगा। सरकार भी यही चाह रही थी। विपक्ष की आवाज बंट गयी। अब देखिए पारस मामले में ऊंट

तो पारस हॉस्पीटल में कोरोना पीड़ित महिला की आवाज का गला घोंट दिया गया। victim voice managed to keep mum

 पटना। न्यूज़। ( विद्रोही)। पटना के पारस अस्पताल में 17 अप्रैल को एक कोरोना पीड़ित महिला की अश्मिता से खेलने का मामला तेजी से वायरल हुआ था। खुद पीड़ित महिला की बेटी ने अपनी माता का वीडियो बनाकर सर्वजनिक किया था। किन्तु आज 18 अप्रैल उस मामले में अचानक नरमी आ गयी। पीड़ित महिला की बेटी ने अब तक कोई शिकायत नहीं दर्ज की है। उसका कहना है कि फिलहाल उसकी माँ वेंटिलेटर पर है और वह ठीक होकर खुद  बयान देगी। समझ लीजिए पूरी तरह मामले को मैनेज कर लिया गया। जो अस्पताल की छवि है उसे देखते हुए अनुमान लगाया जाता है कि अब पीड़ित महिला का बचना ही मुश्किल है। तो फिर बयान आएगा ही नहीं। पीड़ित महिला की बेटी में भी उस रोशन की पत्नी की तरह आग नहीं है जिसने भागलपुर और पटना के राजेश्वर अस्पताल को कटघरे में खड़ा कर दी । हम चाहते हैं कि ईश्वर पारस अस्पताल के पीड़ित महिला को लंबी जिंदगी दे। इसी बीच पप्पू यादव के नेतृत्व वाली जाप पार्टी की महिला विंग ने पारस अस्पताल पर धावा बोल दिया। जाप महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रानी चौबे ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए अस्पताल पहुंच गई। उन्होंने कहा