पटना। जैसे जैसे बिहार का चुनाव नजदीक आ रहा है वैसे वैसे नए राजनीतिक समीकरण की बुनियाद पड़ने लगी है। जिसका जितना मजबूत समीकरण बनेगा बाजी उसी के हांथ लगने की उम्मीद है। महागठबंधन से अलग हुए जीतनराम मांझी ने नया ठौर खोज लिया है। वह नीतीश की अगुवाई वाले जदयू के साथी बनेंगे। इस बात का आज पुख्ता प्रमाण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दे दिए हैं। ऊर्जा क्षेत्र के कई परियोजनाओं के शिलान्यास, उद्घाटन और कार्यारम्भ के मौके पर नीतीश कुमार ने वर्चुअल कांफ्रेंस में जीतनराम मांझी को भी साथ बैठाया। आज करीब 4900 करोड़ के ऊर्जा क्षेत्र की परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास हुआ है। जाहिर है मांझी अब जदयू का नाव खेयेंगे। अब एक सवाल है। जब मांझी जदयू के साथ आ जाएंगे तो लोजपा नेता चिराग पासवान कहां रहेंगे। क्या नीतीश उन्हें जदयू में रखना पसंद करेंगे? ये लाख टके का सवाल है। सूत्रों के मुताबिक नीतीश ने चिराग को अपने साथ नहीं रहने की मंशा जाहिर कर दी है। इसलिए मांझी के लिए पहले से स्पेस बना दिया। अलबता भाजपा के लिए ये धर्मसंकट है। समझ जाता है कि मांझी के जदयू से हांथ मिलाने के बाद बिहार में नया समीकरण उभर रहा है।