Skip to main content

Politics

27/01/21

पटना। न्यूज़। ( विद्रोही)। यह महज संयोग है या राजनीतिक उस्तादी! राजद सुप्रीमो  अपने इलाज के लिए दिल्ली एम्स में भर्ती हैं और इधर पटना में बड़े पैमाने में राजद के बना बनाये 'घर' में सेंधमारी हो गयी। जी हां। लालू के सानिध्य में राजनीति के ककहरा सीखने वाले पूर्व सांसद, पूर्व विधायक व पूर्व पार्षद समेत कई दिग्गज नेताओं को भाजपा ने फोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कर लिया है।


देखिए किन-किन नेताओं को भारतीय जनता पार्टी में शामिल किया गया है। राजद नेताओं को पार्टी में शामिल करने में बिहार प्रभारी भूपेंद्र यादव की अहम भूमिका है। राजद के अलावा कांग्रेस व लोजपा नेताओं को भी भाजपा ने फोड़ा है।

1)    सीताराम यादव, पूर्व सांसद, राजद

2)   प्रो० (डॉ) दिलीप कुमार यादव, पूर्व विधान पार्षद, राजद

3)    संतोष मेहता, पूर्व महासचिव, राजद

4)    रामजी मांझी, पूर्व उपाध्यक्ष, राजद

5)   श्रीमती नगीना देवी, पूर्व विधायक, लोजपा

6)    सुबोध कुमार पासवान, पूर्व विधायक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी

7)   श्रीमती अनीता यादव, पूर्व प्रदेश प्रवक्ता,कांग्रेस

8)   श्रीमती मीरा देवी, उप-महापौर,पटना

9)    अवधेश यादव, समाजसेवी

10) श्रीमती सुनीता देवी, पार्षद,पटना नगर निगम, राजद

11)  धर्मेन्द्र कुमार मुन्ना, पूर्व पार्षद, पूर्व प्रदेश सचिव,राजद

12)  अराध्य हर्षवर्धन

13)  भरत रत्न यादव, राजद

14)  प्रभु कुशवाहा, प्रदेश महासचिव, रालोसपा

15)  मनोज कुमार सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ, रालोसपा

16)  धीरज कुमार, जिला उपाध्यक्ष, मुजफ्फरपुर, रालोसपा

17)  रोशन कुशवाहा, राष्ट्रीय महासचिव युवा, रालोसपा

18)  उमेश यादव , मुखिया, गायघाट (मुजफ्फरपुर )

19) श्रीमती अंकिता देवी , जिला पार्षद पटना

20) श्रीमती ममता देवी, जिला पार्षद, मुजफ्फरपुर 

21) डॉ० संतोष कुमार आजाद, बख्तियारपुर पटना (समाजसेवी)


आज की घटना को सामने रखकर भाजपा ने एक तरह से शक्ति प्रदर्शन किया है। यह शक्ति प्रदर्शन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिखाने के लिए काफी है। भाजपा ने यह बात दिया है कि बिहार के हर समाज ले लोग उसके साथ है। आज जब सीताराम यादव, संतोष मेहता और नगीना देवी भाजपा में शामिल हो रही थी उस समय भूपेंद्र यादव, संजय जायसवाल, सुशील कुमार मोदी, नागेंद्र जी समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

Comments

Popular posts from this blog

तो पारस हॉस्पीटल में कोरोना पीड़ित महिला की आवाज का गला घोंट दिया गया। victim voice managed to keep mum

 पटना। न्यूज़। ( विद्रोही)। पटना के पारस अस्पताल में 17 अप्रैल को एक कोरोना पीड़ित महिला की अश्मिता से खेलने का मामला तेजी से वायरल हुआ था। खुद पीड़ित महिला की बेटी ने अपनी माता का वीडियो बनाकर सर्वजनिक किया था। किन्तु आज 18 अप्रैल उस मामले में अचानक नरमी आ गयी। पीड़ित महिला की बेटी ने अब तक कोई शिकायत नहीं दर्ज की है। उसका कहना है कि फिलहाल उसकी माँ वेंटिलेटर पर है और वह ठीक होकर खुद  बयान देगी। समझ लीजिए पूरी तरह मामले को मैनेज कर लिया गया। जो अस्पताल की छवि है उसे देखते हुए अनुमान लगाया जाता है कि अब पीड़ित महिला का बचना ही मुश्किल है। तो फिर बयान आएगा ही नहीं। पीड़ित महिला की बेटी में भी उस रोशन की पत्नी की तरह आग नहीं है जिसने भागलपुर और पटना के राजेश्वर अस्पताल को कटघरे में खड़ा कर दी । हम चाहते हैं कि ईश्वर पारस अस्पताल के पीड़ित महिला को लंबी जिंदगी दे। इसी बीच पप्पू यादव के नेतृत्व वाली जाप पार्टी की महिला विंग ने पारस अस्पताल पर धावा बोल दिया। जाप महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रानी चौबे ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए अस्पताल पहुंच गई। उन्होंने कहा

लोजपा में टूट के बाद भी चिराग की नहीं बुझेगी लौ। Now Chirag's Agnipariksha starts

 पटना। न्यूज़। ( विद्रोही)। बिहार में लोजपा की बड़ी टूट के साथ ही यहां खेला शुरू हो गया है। चिराग पासवान के अपने सगों ने पार्टी के पांच सांसदों के साथ चिराग को अलग थलग कर दिया। इस परिस्थिति के लिए खुद चिराग पासवान,  उनके खास चाचा पशुपति कुमार पारस और नीतीश कुमार सूत्रधार हैं। जब तक  किसी नेता की छवि जनता के दरवाजे पर खाक छानने की नहीं होगी वह अपनी जाति की राजनीति नहीं कर सकता है। रामविलास पासवान ने जमीन तैयार की थी। उसकी कमाई उनके दोनों भाई पशुपति कुमार पारस व रामचन्द्र पासवान खा रहे थे। रामविलास के निधन के बाद इन्हें ढोने वाला कोई नहीं है। जो संकेत मिल रहे हैं उसे देखते हुए बिहार की राजनीति में अभी रामविलास पासवान का ही नाम बिकेगा। पासवान वोट रामविलास के कारण चिराग के साथ ही हैं। ये बात अलग है कि पारस केंद्र में मंत्री बन जाएंगे। किन्तु किसी भी चुनाव में  चिराग जहां रंहेंगे पासवान का वोट उन्ही की तरफ जाएगा। यही कारण है कि कांग्रेस ,वामदल  व राजद के नेताओं ने चिराग को अपने साथ आने का निमंत्रण दिया है।  वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के समय से ही लोजपा में टूट की नींव पड़ गयी थी। चुनाव

ललन सिंह जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष! Lalan Singh to be a National President of JDU

 पटना/ नई दिल्ली।  जदयू में राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह की ताजपोशी पार्टी के नए अध्यक्ष के रूप में होने जा रही है। नाम तय हो गया है। बस, राष्टीय कार्यकारिणी में ललन सिंह के नाम की घोषणा बाकी है। जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा की दावेदारी पीछे हो गयी। सूत्रों के मुताबिक उपेंद्र को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेवारी दी जाएगी।