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Showing posts from July, 2021

नमो नमो कीजिये व चैन की नींद सोइये! Or prepare for raid. IT raids on Dainik Bhaskar.

  पटना/ नई दिल्ली। यहां नमो से मतलब किसी व्यक्ति से नहीं है और न ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से है। जिस तरह शिव की वंदना में नमो शिवाय कहा जाता है वैसा ही अभिप्राय इस खबर में नमो से है। बड़ी खबर यह है कि देश के सबसे बड़े हिंदी समाचार पत्र समूह दैनिक भाष्कर के कई कार्यालयों व इसके कर्मचारियों के घरों पर छापे मारे गए हैं। यूपी में भी भारत समाचार के दफ्तर पर छापा मारा गया है। यहां बृजेश मिश्र एडिटर इन चीफ हैं। प्राप्त सूचना के अनुसार दैनिक भास्कर के जयपुर, भोपाल व अहमदाबाद कार्यालय पर आयकर विभाग का छापा पड़ा है। बहरहाल अबतक जो समाचार पत्र खबर बनाया करता है वह खुद आज समाचार की सुर्खियों में आ गया है। तीन स्थानों के अलावा अन्य स्थानों पर भी छापे मारने की सूचना है। सरकार की तरफ से यह सूचना मिल रही है कि दैनिक भास्कर ने टैक्स की चोरी की है। अनियमितता के कारण छापेमारी चल रही है। दूसरी वजह यह दी जा रही है कि दैनिक भास्कर ने इस कोरोना काल में केंद्र सरकार की कलई खोल दी है। सरकार की नाकामियां उजागर कर उसके नाक में दम कर दिया है। भास्कर ने निर्भीक होकर सत्य को सामने लाया। इसकी कीमत उसे चुकानी पड़ी है

नीतीश के बयान पर उपमुख्यमंत्री रेणु देवी को कड़ा एतराज, कहा महिलाएं नहीं पुरुषों को शिक्षित करने की जरूरत।BJP leader counters Nitish.

  पटना। न्यूज़। देश मे छिड़ी जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने को लेकर बहस के बीच भाजपा व सहयोगी दलों के संबंधों में दरारें पड़ने के संकेत मिलने लगे हैं। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून की दलीलें पर असहमति जाहिर करते साफ कह दिया कि इसके लिए महिलाओं को जागरूक करना आवश्यक है। महिलाओं को जागरूक करने संबंधी नीतीश के बयान को भाजपा की वरिष्ठ नेता व प्रदेश की उपमुख्यमंत्री रेणुदेवी ने एक सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने नीतीश को दो टूक शब्दों में सुना दिया कि महिलाओं को नहीं, पुरुषों को जागरूक करना होगा तब जनसंख्या पर नियंत्रण हो सकता है। लिहाजा अब जनसंख्या नियंत्रण को लेकर महिला बनाम पुरुष की लड़ाई  की तरफ मोड़ दिया गया है।

इस भ्रष्टतंत्र में भोग रहे दबंग, लात खा रही बिचारी जनता। People being crushed in faulty system.

 पटना। न्यूज़। (विद्रोही)। मौजूदा हालात में सबसे अधिक  राजनेता, पूंजीपति और दबंग लोग ही चांदी काट रहे हैं और सबसे अधिक मार आम जनता पर पड़ रही है। इस कोरोना के दौर में सबके रोजगार पर असर पड़ा। लाखों बेरोजगार हो गए पर चुने प्रतिनिधि नेताओं पर कोई असर नहीं पड़ा। पेंशन और वेतन उठाते रहे। हॉस्पीटल और और दवा के कारोबारियों की खूब चांदी कटी और आम जनता इलाज कराते कराते लूट गई।  बिहार में समाज कल्याण मंत्री इसलिए इस्तीफा दे दिए कि उनके मन मुताबिक अधिकारियों का ट्रांसफर नहीं हुआ। ट्रांसफर पोस्टिंग में करोड़ो का खेल चलता रहा है। जो अधिकारी लाखों खर्च कर मनचाहा पोस्टिंग लेते हैं वे अंत मे जनता को ही लूटते है। थानेदार झूठे केस में लोग को फंसाकर अपनी पोस्टिंग की एवज में खर्च रुपये को वसूल करता है। जब लखीं खर्च कर अधिकारी पोस्टिंग पाएंगे तो फिर वह नेता या मंत्री को कैसे सुनेगा।  किसी भी डिस्ट्रीक्ट में डीएम की नियुक्ति स्थानीय एमपी या विधायक के सिफारिश पर होती है। ऐसी स्थिति में डीएम या एसपी अपने आका एमपी व विधायक की सुनते हैं चाहे जनता लाख शिकायत करती रहे। कोई अपवाद हो सकता है पर पूरे बिहार या हिंदी बेल्