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अब बिहार में जोरदार खेला होबे। आरसीपी बनाएंगे नई पार्टी, दिया जदयू से इस्तीफा। A new twist in jdu politics.

पटना। न्यूज। नौ वर्षों में 40 बीघा जमीन लिखवाने के मामले प्रकाश में आने के बाद अपनी ही पार्टी द्वारा आरसीपी से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद जदयू की राजनीति में भूचाल आ गया। बौखलाए आरसीपी ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देकर नई पार्टी बनाने का एलान कर दिया। अब नई राजनीतिक परिस्थियों में बिहार में खेला होबे। जाहिर है आरसीपी भी चिराग पासवान के तर्ज पर नुकसान पहुंचाएंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह ने अपने सैकड़ो सर्मथकों के साथ जदयू से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष केनाम भेजे पत्र में कहा कि वे पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देते है। उनके साथ जदयू के शिक्षा प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष डॉ कन्हैया सिंह व व्यावसायिक प्रकोष्ठ क ेपूर्व अध्यक्ष उपेन्द्र विभूति ने भी अपने पद से इस्तीफा दिया है साथ ही उन्होंने नया संगठन बनाने का संकेत दिया है।आरसीपी सिंह ने कहा कि साजिश के तहत आरोप लगाया गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कार्यकतार्ओं से भी साथ चलने का आह्वान किया है। आरसीपी सिंह ने कहा कि जदयू डूबता हुआ जहाज है। जदयू में अब बचा क्या है, अब तक जदयू का झोला उठाकर क्या क
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ये इमरजेंसी नहीं, अमृतमहोत्सव है! This is the polite of journalists in democracy.

 पटना। न्यूज़। केंद्र सरकार देश मे आजादी का अमृत महोत्सव मना रही है। आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर उत्सव मनाया जा रहा है। दूसरी तरफ सच लिखने वालों को जेल में बंद किया जा रहा है। उसे नंगा किया जा रहा है। ये कैसी आजादी है। 100 बातें आपकी प्रशंसा में लिखे और एक बात अप्रिय सत्य लिख दिया तो कोरे बरसा दिए। नंगा कर दिये और जेल में भेज दिया। यहां बात मध्यप्रदेश में नंगा किये पत्रकारों की नहीं हो रही। ये बात पुरानी हो गयी। बात बलिया की हो रही है जहां मैट्रिक परीक्षा में पर्चा लीक की बात लिख दी तो तीन पत्रकारों को जेल भेज दिया। 12 दिनों से पत्रकार जेल में बंद हैं। दो पत्रकार अमर उजाला के हैं तो एक राष्ट्रीय सहारा का है। बलिया में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहा है। डीएम ने बिना एफआईआर के पत्रकारों को जेल में बंद कर दिया। ये वही बलिया है जहां के मंगल पांडेय ने स्वतंत्रता संग्राम की आग लगाई। पत्रकारों का क्रमिक संघर्ष जारी है। जाहिर है पत्रकारों को जेल में बंद करने के पीछे योगी सरकार का इशारा होगा। मध्यप्रदेश में नंगा किये गए पत्रकारों का हाल भी देख लीजिए।

अपने ऊपर हमले करने वाले को नीतीश ने किया माफ। Nitish forgives attacker

 पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आज एक युवक ने उस समय हमला कर दिया जब वह बख्तियार पुर में आयोजित कार्यक्रम में भाग ले रहे थे।  इस बाबत जिला प्रशासन का कहना है कि बख्तियारपुर के प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी स्व० पं० शीलभद्र याजी जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के दौरान एक व्यक्ति द्वारा सुरक्षा घेरा में घुसकर माननीय मुख्यमंत्री पर हमले का प्रयास किया गया, जिसे पकड़ लिया गया। प्रारंभिक जाँच में पाया गया कि उक्त व्यक्ति का नाम शंकर कुमार वर्मा उर्फ छोटू पिता  श्याम सुन्दर वर्मा, उम्र लगभग 32 वर्ष, अबू मोहम्मदपुर, बख्तियारपुर नगर परिषद् क्षेत्र का रहने वाला है बातचीत करने पर पता चला कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है। उसके परिजनों ने बताया कि छोटू की दिमागी हालत ठीक नहीं है। कुछ साल पहले वह दो मंजिला छत से कूद गया था तथा एक बार फांसी लगाकर आत्महत्या करने का भी प्रयास कर चुका है। उसकी पत्नी छोड़कर चली गई है और अपने बच्चों के साथ अलग रहती है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर घटना की जाँच की जा रही है तथा जिम्मेवारी निर्धारित की जा रही है।मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार ने उक्त व्यक्ति के विरूद

भाजपा ने सलीके से साहनी को दिखाई औकात। अब वीआईपी फटेहाल। VIP wounded for his deeds

 पटना। मुकेश साहनी ने राजनीति को उर्वर भूमि मानते हुए बिहार में बड़े बड़े विज्ञापन देकर इन्वेस्ट किया। शुरुआत में खूब पैसे खर्च किये। एनडीए को पार्टनर बनाया। भाजपा ने अपनी उंगली पकड़ाई और इस उंगली  पकड़कर साहनी ने भाजपा की गर्दन पकड़नी चाही।पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने कोटे से 11 सीटें दी। मुकेश साहनी के ऊपर टिकट बेचने का आरोप लगा 3- 3करोड़ की बोली लगी। बेबी कुमारी ने साहनी पर टिकट बेचने का आरोप लगाया। ज्ञात हो कि पिछली बार समझौते के दौरान बेबी कुमारी की सीट बोचहा को मुकेश साहनी को दे दी गयी थी। तबसे भाजपा की नेता बेबी कुमारी बोचहा पर नजर  बैठाई थीं। इस बार उपचुनाव में भाजपा ने बोचहा सीट से बेबी कुमारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया। मुकेश छटपटा गए और भाजपा को सबक सिखाने के लिए रमई राम की  बेटी गीता कुमारी को बोचहा से टिकट दे दिया। एनडीए में रहते हुए भाजपा से बैर मुकेश साहनी की अपरिपक्वता दर्शायी। भाजपा ने वीआईपी कोटे के तीन विधायको को अपनी पार्टी शामिल कर लिया। मुकेश की हैकरी शांत कर दी। मुकेश साहनी भी अब चंद दिनों के मंत्री हैं। मुकेश ने पहले मुम्बई फिल्मी दुनिया मे इन्वेस्ट किया। इस

बिहार के बोचहा सीट को लेकर मुकेश साहनी की नोचानोची। BJP taught lesson to Sahni

 पटना। न्यूज़। भाजपा ने बोचहा सीट से अपना अधिकृत उम्मीदवार की घोषणा कर वीआईपी नेता मुकेश साहनी की हैकरी झाड़ दी है। मुकेश साहनी ने बोचहा सीट के लिए अपनी  दावेदारी ठोकी थी और एक तरह से भाजपा को खुली चुनौती दी थी कि इस सीट अपना उम्मीदवार घोषित कर दिखाए। मुकेश साहनी ने उत्तरप्रदेश में अपने उम्मीदवार खड़े कर भाजपा को हराने के काम किया। साहनी ने बयान भी जारी किया था कि उनका मकसद भाजपा को हराना है। भाजपा ने आज बोचहा सीट से बेबी कुमारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। जाहिर है साहनी भी यहां से अपना उम्मीदवार अवश्य देंगे। ऐसे में एनडीए के घटक दलों के बीच टकराहट बढ़ेगी। यह भी तय है कि या तो वीआईपी भाजपा के समक्ष सरेंडर करेगी या अलग रास्ता नापेगी। दूसरे विकल्प की अधिक उम्मीद है।

तो भाजपा के अधिकृत नेता को शिकस्त देंगे सच्चिदानन्द ! Sachidanand tries to win sentiment of Chhapra

 पटना। न्यूज़। भजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधान पार्षद सच्चिदानन्द  राय ने विधान परिषद चुनाव के लिए पार्टी से उम्मीदवार नहीं बनाए जाने पर पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के खिलाफ खम ठोक दिया है। उन्हें जोरदार समर्थन भी मिल रहा है। उन्होंने भावुक अपील करते हुए सोशल मीडिया पर कहा कि छपरा (सारण) के कुछ विशेष नेताओं के कुचक्र का शिकार ना हो जाऊं इसके लिए मैंने आज भी  पुनः नामांकन दाखिल किया है। कुछ लोगो को मेरी बढ़ते जनसमर्थन पसन्द नही आ रही थी, जिसके लिए वे किसी भी स्तर की ओछी राजनीति कर सकते है। मैंने विधिवत रूप से कल 14 मार्च को अपना नामांकन प्रपत्र निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में भरा था परंतु मेरे नामांकन पत्र को रद्द कराने की पुरजोर कोशिश करने की सूचना मिली, हालांकि मुझे चुनाव आयोग और प्रशासन पर भरोसा था फिर भी जनप्रतिनिधियों के दबाव में मैंने अपना पुनः नामांकन कराया है। जिस तरह पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को गुमराह कर कुछ राजनेता सारण जिले में भाजपा को कमजोर करने के लिए मुझे टिकट से वंचित कराया, उन्हें भय है कि मेरे रहते राजनीति का बाजारीकरण नहीं हो सकता , लोग जात धर्म में नही बंट सकते , इसलिये

बीजेपी चुप।विपक्ष नीतीश से मांफी मांगने पर अड़ा। Opposition demanding Nitish appology

 पटना। न्यूज़। एनडीए ने इस बार विपक्ष को बना बनाया मुद्दा दे दिया है। जिस जंगलराज व  राजद के शासनकाल को हवाला देकर बीजेपी और जदयू के नेता अपनी छवि चमकाते रहे हैं वही बीजेपी व जदयू इस बार अपने आचरण से विपक्ष के आगे बैकफुट पर है। राज्यसरकार की कोशिश है कि विपक्ष पर डोरे डाल सदन को सुचारू रूप से चला ले। अलबत्ता आज विधानसभा की कार्यवाही समय पर शुरू हो गयी। विधानसभा अध्यक्ष भी पधारे। विपक्ष की मांग पर अपना पक्ष भी रखा पर विपक्षी सदस्य मुख्यमंत्री नीतीश के वक्तव्य पर अड़े रहे। राजद सदस्यों ने नीतीश कुमार से मांफी मांगने की शर्त रख दी है। नहीं मानने पर पूरा विपक्ष सदन का बॉयकॉट किया। कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी