Skip to main content

आखिर छात्र संघ चुनाव में नीतीश ने जता दिया हम हैं किंगमेकर। chhatra JDU wins 4 posts among 5 in PU election

 पटना। न्यूज़। कभी पटना विश्वविद्यालय में दबदबा रहे लालू यादव का वर्चस्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने तोड़ दिया है। पीयू में छात्र संघ चुनाव के मुख्य 5 पोस्ट में छात्र जदयू ने 4 पोस्ट पर परचम लहरा दिया है। भाजपा की अनुषंगी संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को एक मात्र महासचिव का पद हांथ लगा है। बताया जाता है कि छात्र जदयू की जीत के पीछे पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रो. रणबीर नंदन की रणनीति और मेहनत रंग लाई है। कायस्थ समाज का कलाम दवात परिषद ने छात्र जदयू के खुलकर समर्थन किया। विश्वविद्यालय में कायस्थ व भूमिहार ब्राह्मण छात्रों की अच्छी खासी संख्या है।छात्र जदयू से अध्यक्ष पद पर जीते आनंद मोहन भूमिहार ब्राह्मण समाज से आते हैं।


 छात्र जदयू के आनंद मोहन ने अध्यक्ष पद पर एक बड़े अंतर से विजय प्राप्त किया है जबकि उपाध्यक्ष पद विक्रमादित्य सिंह 13 सौ से अधिक वोट से जीते। संयुक्त सचिव पद पर तो छात्र जदयू की संध्या कुमारी ने 2 हजार से भी अधिक वोट से विद्यार्थी परिषद के प्रत्याशी को परास्त किया तो कोषाध्यक्ष पद पर भी छात्र जदयू के रविकांत ने विद्यार्थी परिषद से लगभग हजार वोट से जीते। जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा और जदयू के प्रदेश प्रवक्ता व पूर्व विधान परिषद सदस्य प्रो. रणबीर नंदन ने छात्र जदयू की जीत का श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिया है। नीतीश की नीतियों ने छात्रों को जीत दिलाई है।


विजयी छात्र जदयू नेताओं के साथ खुशियां बांटते रणबीर नंदन

Comments

Popular posts from this blog

तो पारस हॉस्पीटल में कोरोना पीड़ित महिला की आवाज का गला घोंट दिया गया। victim voice managed to keep mum

 पटना। न्यूज़। ( विद्रोही)। पटना के पारस अस्पताल में 17 अप्रैल को एक कोरोना पीड़ित महिला की अश्मिता से खेलने का मामला तेजी से वायरल हुआ था। खुद पीड़ित महिला की बेटी ने अपनी माता का वीडियो बनाकर सर्वजनिक किया था। किन्तु आज 18 अप्रैल उस मामले में अचानक नरमी आ गयी। पीड़ित महिला की बेटी ने अब तक कोई शिकायत नहीं दर्ज की है। उसका कहना है कि फिलहाल उसकी माँ वेंटिलेटर पर है और वह ठीक होकर खुद  बयान देगी। समझ लीजिए पूरी तरह मामले को मैनेज कर लिया गया। जो अस्पताल की छवि है उसे देखते हुए अनुमान लगाया जाता है कि अब पीड़ित महिला का बचना ही मुश्किल है। तो फिर बयान आएगा ही नहीं। पीड़ित महिला की बेटी में भी उस रोशन की पत्नी की तरह आग नहीं है जिसने भागलपुर और पटना के राजेश्वर अस्पताल को कटघरे में खड़ा कर दी । हम चाहते हैं कि ईश्वर पारस अस्पताल के पीड़ित महिला को लंबी जिंदगी दे। इसी बीच पप्पू यादव के नेतृत्व वाली जाप पार्टी की महिला विंग ने पारस अस्पताल पर धावा बोल दिया। जाप महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष रानी चौबे ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ पीड़ित महिला को न्याय दिलाने के लिए अस्पताल पहुंच गई। उन्होंने कहा

लोजपा में टूट के बाद भी चिराग की नहीं बुझेगी लौ। Now Chirag's Agnipariksha starts

 पटना। न्यूज़। ( विद्रोही)। बिहार में लोजपा की बड़ी टूट के साथ ही यहां खेला शुरू हो गया है। चिराग पासवान के अपने सगों ने पार्टी के पांच सांसदों के साथ चिराग को अलग थलग कर दिया। इस परिस्थिति के लिए खुद चिराग पासवान,  उनके खास चाचा पशुपति कुमार पारस और नीतीश कुमार सूत्रधार हैं। जब तक  किसी नेता की छवि जनता के दरवाजे पर खाक छानने की नहीं होगी वह अपनी जाति की राजनीति नहीं कर सकता है। रामविलास पासवान ने जमीन तैयार की थी। उसकी कमाई उनके दोनों भाई पशुपति कुमार पारस व रामचन्द्र पासवान खा रहे थे। रामविलास के निधन के बाद इन्हें ढोने वाला कोई नहीं है। जो संकेत मिल रहे हैं उसे देखते हुए बिहार की राजनीति में अभी रामविलास पासवान का ही नाम बिकेगा। पासवान वोट रामविलास के कारण चिराग के साथ ही हैं। ये बात अलग है कि पारस केंद्र में मंत्री बन जाएंगे। किन्तु किसी भी चुनाव में  चिराग जहां रंहेंगे पासवान का वोट उन्ही की तरफ जाएगा। यही कारण है कि कांग्रेस ,वामदल  व राजद के नेताओं ने चिराग को अपने साथ आने का निमंत्रण दिया है।  वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव के समय से ही लोजपा में टूट की नींव पड़ गयी थी। चुनाव

बीजेपी चुप।विपक्ष नीतीश से मांफी मांगने पर अड़ा। Opposition demanding Nitish appology

 पटना। न्यूज़। एनडीए ने इस बार विपक्ष को बना बनाया मुद्दा दे दिया है। जिस जंगलराज व  राजद के शासनकाल को हवाला देकर बीजेपी और जदयू के नेता अपनी छवि चमकाते रहे हैं वही बीजेपी व जदयू इस बार अपने आचरण से विपक्ष के आगे बैकफुट पर है। राज्यसरकार की कोशिश है कि विपक्ष पर डोरे डाल सदन को सुचारू रूप से चला ले। अलबत्ता आज विधानसभा की कार्यवाही समय पर शुरू हो गयी। विधानसभा अध्यक्ष भी पधारे। विपक्ष की मांग पर अपना पक्ष भी रखा पर विपक्षी सदस्य मुख्यमंत्री नीतीश के वक्तव्य पर अड़े रहे। राजद सदस्यों ने नीतीश कुमार से मांफी मांगने की शर्त रख दी है। नहीं मानने पर पूरा विपक्ष सदन का बॉयकॉट किया। कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी